पाना बरस देव स्थल पर हर्षोल्लास से मनाया गया राजरवल पर्व, 300पौधो का हुआ रोपण

पाना बरस देव स्थल पर हर्षोल्लास से मनाया गया ‘राज रवल’ पर्व, 300 पौधों का हुआ रोपण, 700 पौधों का किया गया वितरण
*14 गढ़, 360 परगनिहा पाना बरस के सियान, जवान, मांझी, बैगा एवं ग्रामीणों की रही गरिमामयी सहभागिता
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना के साथ पाना बरस देव स्थल पर परंपरागत ‘राज रवल’ पर्व इस वर्ष भी पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़ी संख्या में 14 गढ़, 360 परगनिहा के सियान, जवान, मांझी, बैगा तथा ग्रामीणजन इस आयोजन में शामिल हुए और प्रकृति के प्रति अपनी आस्था एवं जिम्मेदारी का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ लाल लक्ष्मेन्द्र शाह एवं राज बैगा बीरशाय द्वारा देवी-देवताओं तथा पेड़-पौधों की विधिवत पूजा-अर्चना से किया गया। उन्होंने क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि, अच्छी वर्षा, हरियाली और खुशहाली की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने भी प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से देवस्थल परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 300 पौधों का सामूहिक पौधरोपण किया गया। इसके साथ ही ग्रामीणों एवं उपस्थित जनसमुदाय को लगभग 700 पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया गया, ताकि प्रत्येक परिवार अपने घर, खेत एवं आसपास के क्षेत्र में पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने में योगदान दे सके।
इस अवसर पर लाल लक्ष्मेन्द्र शाह एवं राज बैगा बीरशाय ने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी हैं। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक आवश्यक उनकी सुरक्षा और संरक्षण करना है।

देवस्थल में लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने के लिए संपूर्ण परिसर में बाउंड्री (घेराबंदी) किए जाने का भी सामूहिक निर्णय लिया गया। इस कार्य में सभी ग्रामीणों ने अपनी सहभागिता एवं सहयोग देने की सहमति व्यक्त की, जिससे लगाए गए पौधे सुरक्षित रह सकें और आने वाले वर्षों में यह स्थल घने हरित क्षेत्र के रूप में विकसित हो सके।
इस पर्यावरणीय अभियान के लिए आवश्यक पौधे वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए। आयोजन समिति एवं उपस्थित ग्रामीणों ने पौधे उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग तथा शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। वक्ताओं ने कहा कि शासन, वन विभाग और जनसहभागिता के समन्वय से ही पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान सफल हो सकेगा।
राज रवल पर्व के अवसर पर पारंपरिक संस्कृति, प्रकृति पूजा और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजन ने यह संदेश दिया कि हमारी संस्कृति में प्रकृति और वृक्षों का विशेष महत्व है तथा यदि समाज सामूहिक रूप से संकल्प ले तो हर क्षेत्र को हरा-भरा और समृद्ध बनाया जा सकता है।
मोहला से योगेन्द्र सिंगने की रिपोर्ट