भाजपा को भीतर से कमजोर करने वाले पर उठे सवाल, – पवन गुप्ता

भाजपा को भीतर से कमजोर करने वालों पर उठे सवाल, कांग्रेस का विरोध छोड़ भाजपा नेताओं को ही निशाना क्यों? — पवन गुप्ता
“राजनीतिक पेंडुलम की तरह पाला बदलने वालों की असल निष्ठा जनता समझे; सनातन संस्कारों को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं”
अंबागढ़ चौकी। मंदिर परिसर में जन्मदिन मनाने को लेकर समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में प्रसारित खबरों पर नगर पंचायत अंबागढ़ चौकी के उपाध्यक्ष पवन गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े एक सामान्य विषय को राजनीतिक रंग देकर भाजपा और उससे जुड़े लोगों को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम को एकपक्षीय तरीके से प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविकता यह है कि मंदिर में पूजा-अर्चना, आरती, दीप प्रज्वलन, भोग एवं प्रसाद के साथ जन्मदिन मनाया गया।
“मंदिर की मर्यादा की चिंता है तो तथ्य भी सामने रखें”
पवन गुप्ता ने कहा कि वे सनातन संस्कृति में आस्था रखते हैं और अपने माता-पिता से मिले संस्कारों के कारण वर्षों से जन्मदिन भगवान के चरणों में जाकर मनाते आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए जन्मदिन होटल, क्लब या दिखावे की पार्टी नहीं, बल्कि परमात्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
उन्होंने सवाल किया कि “यदि भगवान के मंदिर में दीप जलाना, आरती करना, भोग लगाना और प्रसाद ग्रहण करना संस्कार है, तो शुद्ध सात्विक मिठाई को केक का स्वरूप देने से अचानक मंदिर की मर्यादा कैसे भंग हो गई?”
उन्होंने स्पष्ट किया कि जन्मदिन में प्रयुक्त मिठाई कोई अनुचित खाद्य पदार्थ नहीं थी। कलाकंद, खोआ, काजू कतली और बादाम कतली जैसी शुद्ध मिठाइयों को केक के स्वरूप में रखकर जन्मदिन मनाना उनके परिवार में वर्षों से चली आ रही परंपरा है।
बच्चों को मंदिर से जोड़ना भी कुछ लोगों को राजनीतिक मुद्दा नजर आता है?
पवन गुप्ता ने कहा कि अंबागढ़ चौकी हनुमान मंदिर में मंगलवार एवं शनिवार को हनुमान चालीसा में बच्चे और युवा उत्साह से शामिल होते हैं। किसी बच्चे का जन्मदिन होने पर उसकी खुशी और मनोबल बढ़ाने के लिए शुद्ध मिठाई से जन्मदिन मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य बच्चों को मंदिर, हनुमान चालीसा, धर्म, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उन्हें अपनी संस्कृति के करीब लाना यदि किसी को राजनीति दिखाई देता है, तो समाज को ऐसे नजरिए पर विचार करना चाहिए।

“कांग्रेस का विरोध करने के बजाय भाजपा पर हमला—यह कैसी राजनीति?”
पवन गुप्ता ने कहा कि आज राजनीतिक क्षेत्र में ऐसे लोगों की सक्रियता भी दिखाई देती है, जिनकी राजनीतिक दिशा पेंडुलम की तरह बदलती रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की भूमिका पर भाजपा के कार्यकर्ताओं और आम जनता को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि “जो लोग भाजपा से जुड़े होने का दावा करते हैं, वे कांग्रेस और विपक्ष की राजनीतिक विचारधारा एवं गतिविधियों का विरोध करने के बजाय भाजपा के ही नेताओं और कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाने में क्यों लगे हैं?”
पवन गुप्ता ने कहा कि भाजपा को मजबूत करने के बजाय भाजपा के लोगों को आपस में लड़ाना, भाजपा की छवि पर सवाल खड़े करना और विपक्ष को अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक लाभ पहुंचाने वाली परिस्थितियां बनाना किसी भी कार्यकर्ता के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “भाजपा कार्यकर्ता अब यह जरूर पूछेंगे कि आखिर भाजपा के खिलाफ अभियान चलाने वालों को राजनीतिक रूप से किसका संरक्षण और किसका लाभ मिल रहा है?”
“मोदी-योगी-साय के सनातन जागरण में रोड़ा क्यों?”
पवन गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और धार्मिक विरासत के प्रति देश में गौरव की भावना मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि आज देश अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत पर गर्व कर रहा है। ऐसे समय में मंदिर और सनातन परंपराओं से जुड़े विषयों को विवादित बनाकर भारतीय संस्कारों के पुनर्जागरण को रोकने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन सनातन संस्कृति को राजनीतिक स्वार्थ के लिए निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
“मंदिर किसी की राजनीतिक जागीर नहीं”
पवन गुप्ता ने कहा कि मंदिर किसी राजनीतिक दल, नेता या संगठन की जागीर नहीं है। मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और सनातन परंपरा का केंद्र है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनके जन्मदिन मनाने के तरीके पर आपत्ति थी तो उनसे सीधे संवाद किया जा सकता था। लेकिन सोशल मीडिया की तस्वीरों और एकपक्षीय खबरों के आधार पर धार्मिक आस्था पर सवाल उठाकर राजनीतिक वातावरण बनाना उचित नहीं है।
“मैं अपनी आस्था से पीछे नहीं हटूंगा”
पवन गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि वे अपने माता-पिता से मिले संस्कारों और अपनी आस्था के अनुसार जन्मदिन मनाते आए हैं और आगे भी मनाते रहेंगे।
उन्होंने कहा—
“कुछ लोगों को मेरा भगवान के चरणों में जन्मदिन मनाना पसंद नहीं है तो यह उनकी सोच हो सकती है, लेकिन मैं अपनी आस्था, अपने संस्कार और अपनी सनातन परंपरा से पीछे हटने वाला नहीं हूं।”
उन्होंने समाज से अपील की कि किसी भी वायरल पोस्ट अथवा एकपक्षीय समाचार पर विश्वास करने से पहले पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता जानें।
पवन गुप्ता ने कहा—
«“राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो राजनीतिक मुद्दों पर लड़िए। मंदिर, धर्म और आस्था को राजनीतिक हथियार मत बनाइए। भाजपा को कमजोर करने के लिए भाजपा के ही लोगों को निशाना बनाने वालों की राजनीति को अब कार्यकर्ता और जनता दोनों समझ रहे हैं। पेंडुलम की तरह राजनीतिक पाला बदलने वालों की निष्ठा और उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सनातन संस्कृति के सम्मान और भारतीय संस्कारों की स्थापना के मार्ग में किसी को राजनीतिक स्वार्थ से रोड़ा नहीं बनने दिया जाएगा।”»
— पवन गुप्ता
उपाध्यक्ष, नगर पंचायत अंबागढ़ चौकी
मोहला से योगेन्द्र सिंगने की रिपोर्ट