मोहला बना भूमाफियाओं के अवैध प्लानिंग का हब

मोहला बना भू माफियाओं के अवैध प्लाटिंग का हब,प्रतिबंध के बाद भी कृषि भूमि की धड़ल्ले से हो रही है रजिस्ट्री
मोहला -इस आदिवासी अनुसूचित जनजाति जिला मुख्यालय मोहला मे भूमाफिया,छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग और रेरा के नियम-कानून को ताक पर रख कर नगर में कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग काट कर जमीन की खरीदी बिक्री करने में लगे हैं। इस अवैध काम में भूमाफियाओं को स्थानीय राजस्व विभाग ,उप पंजीयक कार्यालय का भरपूर सहयोग मिल रहा है। रोजाना धड़ल्ले से अवैध रूप से काटे गए प्लांट कि रजिस्ट्री हो रही है। वही पटवारियो द्वारा एक खसरा नम्बर कई टुकड़ों में विभाजित किया जा रहा है। ऐसे में शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है।
जिला बनने के बाद से मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिला भू माफियाओं का पसंदीदा हब बन चुका है। इन दिनों जिला मुख्यालय मोहला की सीमा से लगे ग्राम चिलमटोला अवैध प्लाटिंग को लेकर चर्चाओं में है। इस राजस्व ग्राम में भूमाफिया सरकार के प्रतिबंध के बाद भी कृषि भूमि को आवासीय प्लाट बता कर महंगे दामों में बेच कर मालामाल हो रहें है और भू माफियाओं का साथ राजस्व अधिकारी भी बखूभी दे रहें है। ग्रामीणों का आरोप है कि भू माफियाओं के द्वारा मोहला की सीमा से लगे ग्राम चिलमटोला में बाध और मुक्ति धाम से सटे लगभग 7 से ज्यादा एकड़ कृषि भूमि को बिना डायवर्सन के ही आवासीय प्लाट के रूप में टुकड़े टुकड़े कर बेचा जा रहा है। अवैध प्लाटिंग को राजस्व विभाग और पंजीयक कार्यालय के अधिकारी पंजीयन और नामांतरण करने में कोई भी कोताही नहीं कर रहें है। वही अवैध प्लाटिंग से शासन को लाखों रुपए का चुना भी लग रहा है।
रेमंत और हेमंत बसा रहें अवैध कॉलोनी-ग्रामीणों ने बताया कि जिस भूमि की अवैध रूप से प्लॉट काटकर भू माफिया बेंच रहें है वह जमीन मूलतः राजस्व रिकॉर्ड में अफरोज खान,सजीदा बेगम,शहनाज बेगम,सायरा बेगम,हेमंत साहू,मोहन, के नाम पर भू स्वामी हक में दर्ज है जिसे भू माफिया रेमंत देवांगन और हेमंत साहू ने हुंडी में खरीद रखा है और अब भोले भाले ग्राहकों को मोटी कीमत पर बेंच रहें है।
जेल की हवा खा चुका है दलाल रेमंत-ग्रामीणों ने यह भी बताया कि धोबेदंड निवासी एक आदिवासी परिवार से फ़र्जी तरीके से जमीन के खरीद फरोख्त को लेकर भू माफिया रेमंत देवांगन पहले ही जेल की हवा खा चुका है अब सिंडिकेट चलाते हुए जिला मुख्यालय मोहला के कृषि भूमि का प्लांट काट कर बेचे जाने से सरकार को करौडो रूपय का नुक़सान पहुंचाया जा रहा है।
5 खसरों के 40 से ज्यादा हुए टुकड़े-ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम चिलमटोला में भू माफियाओं ने राजस्व विभाग तथा उप पंजीयक कार्यालय के अधिकारियों से साथ गाँठ कर एक के बाद एक लगे 5 कृषि भूमि खसरों का अवैध प्लाटिंग किया है और 40 टुकड़ों में बांट डाला है। और अवैध प्लाटिंग का गोरख धंधा मोहला मे बडे आराम से चल रहा है।
आसानी से हो जा रहा नामांतरण-चिलमटोला में अवैध प्लाटिंग से काटे गए भूखंडों का पंजीयन के पश्चात संबंधित राजस्व अधिकार ने बड़ी ही आसानी से नामांतरण कर दिया है जबकि अधिकारी यह जान रहें है कि उपखंड अवैध प्लाटिंग का हिस्सा है। हालांकि अब पंजीयन पश्चात खरीदे गए भूमि का नामांतरण स्वतः ही हो जा रहा है जिसका फायदा जमीन दलाल उठा रहे हैं।
नक्शा काट रहें पटवारी-भूमि की खरीदी और नामांतरण के पश्चात अवैध प्लाटिंग के उपखंडों का हल्का पटवारी मूल खसरा से नक्शा काटने में जरा भी कोताही नहीं कर रहे है, सूत्रों की मानें तो पटवारी अवैध प्लाटिंग से काटे गये भूखंडों का नक्शा काट रहें है और भू माफियाओं के साथ मिलकर मोटी कमाई करने में जुटे हुए है।
खरीददारों को नहीं मिल रही सुविधाएं-अवैध कॉलोनाइजर भूमि खरीददारों को कॉलोनी बनाने का दावा और लालच देकर कृषि भूमि को बेचने में लगे हुए है और खरीददारों को कालोनी जैसी उपलब्ध सुविधाएं दिये जाने का दावा कर रहें है। जबकि मौके पर सिर्फ मुरम डालकर कच्चा सड़क तैयार किया गया है। इसके साथ ही अवैध प्लाटिंग में बिजली कनेक्शन,नाली, गार्डन सहित अन्य सुविधाओं का अभाव है।
राजस्व अधिकारियों की भी भूमिका संदिग्ध-
सूत्रों का माने तो जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी में एक भी ऐसा वैध कॉलोनाइजर नहीं है।जो कॉलोनाइजर एक्ट के तहत पंजीकृत हो। इसके साथ ही कोई भी प्रोजेक्ट अभी तक मोहला में रेरा में पंजीयन नहीं हुआ है। अब यह राजस्व विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठता है कि जब जिले में वैध कॉलोनाइजर नहीं और रेरा में कोई भी प्रोजेक्ट पंजीकृत नहीं तो फिर अवैध कॉलोनियों कैसे बस जा रही है। जिला मुख्यालय मोहला में इतने बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग राजस्व अधिकारियों के कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहा है? इसके साथ ही यह भी देखना होगा कि खबर प्रकाशन के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी इस अवैध प्लाटिंग के गोरख धंधा पर प्रतिबंध लगा पाते हैं या भू माफियाओं संग मिलकर चादर ओढ़कर घी खाते रहेंगे।
“अवैध प्लाटिंग का मामला सामने आ रहा है रजिस्ट्री नामांकन ना हो इसके लिए लेटर जारी कर, संबधित पटवारी से जानकारी ली जायेगी कि मोहला मे कितने अवैध प्लाटिंग हुए हैं।नेहा विश्वकर्मा तहसीलदार मोहला”
*मोहला से योगेन्द्र सिंगने की रिपोर्ट*