संदेशा मोर कलम के
संदेशा मोर कलम के
मंगलम फिल्मस प्रोडक्शन के बैनर तले मोहला मानपुर वनांचल में बनी पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म संदेशा मोर कलम केनिर्माता श्री रमेश उइके मोहला, निर्देशक -श्री नरेशबोगा जी मोहला
कलाकार –
हीरो-समीर खान (ग्रामसोमाटोला) होरोईम – PK. बंजार खुज्जी
व अंचल के ही अन्य कलाकारों ने शामिल होकर फिल्म को रोचक व मनोरंजक बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की
गीतसंगीत – लक्ष्मण देशमुख राही जी का।
यह फिल्म 23 सितम्बर वर्ष2022 को रांजनांदगांव, बालोद, महासमुन्द राजिम के टाकिजों में एक साथ रिलीज हुई।
यह फिल्म नक्सलवाद पर बनाई गई ,जिसमे , गीतसंगीत, समधुर आवाज,कहानी पटकथा, भरपूर मनोरंजन, देशप्रेम कॉमेडी देखनेको मिली।
वनांचल में ज्वलंत नक्सलवाद की समास्याओं को इंगित किया गया। प्रायः सभी कलाकार, मोहला मानपुर अम्बागढ़चौकी जिले मे निवासरत है , जिन्होंने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई व फिल्म को आकर्षक व रोचक बनाया।
इस फिल्म में अंचल की प्रसिद्ध देवी मां छुरिया देवी पर एक भक्ति भाव पूर्ण गीत, “मांछुरिया देवी भवानी मां मोहला वाली की गुंज छत्तीसगढ़ मे धूम मचाने में सफल रही अधिकांश लोगों ने इसे गाने को पसंद किया।
लाल आंतक का गढ़ कहे जाने यह वनांचल मोहला मानपुर में बनी फिल्म संदेशा मोर कलम के चार साल पूर्व नक्सलवाद को लेकरबनाई गई थी, छत्तीसगढ़ सरकार ने 31मार्च वर्ष2026 में नकस्लवाद को खत्म कर दिया। लेकिन यह सोचनीय सवाल छोड़ कर गया है कि “आखिर क्यों नहीं कांपता था नक्सिलयों का दिल, आखिर क्यों नहीं पसीजती था उनकी आत्मा व करूणा, आखिर क्यों निर्दोष निहत्थे ग्रामीणों को मौत के घाट उतारा गया। उन दिनो बनी फिल्म देखकर लगने लगा कि कब जिला, नक्सलवाद से मुक्त होगा। लेकिन 31मार्च 2026का वह दिन जिले मे हम सभी को बड़ी राहत व उपलब्धि वाला दिन रहा कि, जिला नक्सलवाद से मुक्त हुआ।

” जहां कभी भय का साया था.” आज वहां विकास नाम की रोशनी है।
गोलियों की गुंज से निकलकर अब शिक्षा व विकास की गुंज सुनाई दे रही है। नक्सलवाद का अंत एक नया युग का आरंभ है। जहां डर था अब विश्वास है, जहां अंधेरा था अप उजास है.
मोहला मानपुर वनांचल की धरती ने सिखाया कि, शांति साहस और विकास से हर चुनौती को हराया जा सकता है।
सभी को खुशी है कि, जिला नक्सल मुक्त है। शांति, विकास और एक नये विश्वास की शुरुआत है। समाज ओर प्रशासन की एकजुटता ने इसे संभव बनाय
” योगेन्द्र सिंगने मोहला पत्रकार की कलम से”!
जय जौहार जय छत्तीसगढ़।