जक्के पुलिया निर्माण की स्वीकृति न मिलने पर जिला पंचायत सदस्य रेखा कोठारी का छलका दर्द

जक्के पुलिया निर्माण की स्वीकृति नहीं मिलने पर जिला पंचायत सदस्य रेखा कोठारी का छलका दर्द
खड़गांव/मानपुर।
खड़गांव थाना क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर जिला पंचायत सदस्य रेखा कोठारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। जक्के पुलिया निर्माण की स्वीकृति नहीं मिलने पर उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
रेखा कोठारी ने कहा कि खड़गांव क्षेत्र माइनिंग क्षेत्र होने के बावजूद आज भी सड़क, पुल-पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। इस क्षेत्र से शासन को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।


उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 की डीएमएफ (जिला खनिज न्यास मद) बैठकों में जक्के पुलिया निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे, लेकिन पुल-पुलिया निर्माण के विषय पर किसी ने गंभीर पहल नहीं की।
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर उन्होंने लगातार कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत की प्रत्येक बैठक में पुल-पुलिया निर्माण की मांग रखने के बावजूद केवल फंड की कमी का हवाला दिया जाता है।
रेखा कोठारी ने कहा कि पुल-पुलिया के अभाव में क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे आवागमन बाधित होता है तथा लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि “जब क्षेत्र से करोड़ों का राजस्व मिल रहा है, तब विकास कार्यों के लिए फंड की कमी का तर्क समझ से परे है। आखिर इसका जवाबदेह कौन है? प्रशासन इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, जबकि जनता जवाब मांग रही है।”
मानपुर से जिब्राइल खान की रिपोर्ट