दल्ली राजहरा अंबेडकर मेमोरियल हॉल में वर्षावास व गुरु पूर्णिमा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

दल्ली राजहरा अंबेडकर मेमोरियल हॉल में वर्षावास व गुरु पूर्णिमा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
दल्लीराजहरा:-
सम्यक बौद्ध महासभा दल्ली राजहरा के तत्वाधान में अंबेडकर मेमोरियल हॉल में वर्षावास व गुरु पूर्णिमा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महाकरुणीक तथागत गौतम बुद्ध ने अपने जीवन काल में वर्षा ऋतु के प्रारंभ से ही वर्षावास काल में किसी ऊंचे स्थान पर रहकर ध्यान-साधना किया करते थे । यही परंपरा आज बौद्ध धर्मावलंबी प्रतिवर्ष आषाढ़ पूर्णिमा के दिन से ही वर्षावास के रूप में मनाते हैं। इसका निर्वहन बौद्ध भिक्षु अपने जीवन काल में करते हैं। वर्षावास काल में व्यतीत करने वाले भिक्षुक एक ही स्थान पर रहकर विहारों में अपना समय ध्यान- साधना में लगाते हैं और विहारो में उपस्थित बौद्ध उपासक उपासिकों को धम्म देशना देते हैं। बौद्ध धर्म में आषाढ़ पूर्णिमा एवं गुरु पूर्णिमा का बहुत ही महत्त्व का दिन मानते हैं।


आज के ही दिन तथागत गौतम बुद्ध ने अपने पांच परिवाजको के साथ वर्षावास किया एवं उन्हें धर्म देशना व धर्म उपदेश दिया था । गुरु पूर्णिमा अवसर पर सम्यकबौद्ध महासभा के अध्यक्ष अशोक बाम्बेश्वर, संरक्षक बी एल बौद्ध, गोरेलाल बाम्बेश्वर, सुरेंद्र मेश्राम ,ओमप्रकाश रामटेके ,अजय रामटेके, कमल कांत रामटेके, संतोष मेश्राम ,अनुप खोबरागडे रोशन पाटील, सत्यनारायण रामटेके*शुभम रामटेके, अभिजीत भगत ,रामेश्वर बरसागडे, सम्यक बौद्ध महासभा की महिला अध्यक्ष चंद्ररेखा नंदेश्वर, नीता कमल रामटेके, जोत्सना मेश्राम, शारदा बाम्बेश्वर,मीरा बौद्ध, भावना दासोडे, निर्मला भगत ,भूमिका पाटिल, ज्ञानेश्वरी खोबरागड़े, निर्मला शुक्ला ,रंजना खोब्रागड़े, सुमन रामटेके, पुष्पा बनसोडे, नीतू रामटेके, देवकी रामटेके, अर्चना जाधव,रंभा पवार ,उषा
मेश्राम ,मीना सुखदेवे, आरती देहीविले एवं बौद्ध उपासक उपासिकाये उपस्थित थे।