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1977 गोलीकांड में शहीद हुए खदान कार्यरत मजदूर के शहादत को याद करते हुए दल्ली राजहरा में
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के तत्वधान में
बाइक रैली और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

1977 गोलीकांड में शहीद हुए खदान कार्यरत मजदूर के शहादत को याद करते हुए दल्ली राजहरा में
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के तत्वधान में
बाइक रैली और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।


दल्लीराजहरा:-

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के तत्वधान में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 2-3 जुन 1977 गोलीकांड में दल्ली राजहरा के खदान कार्यरत मजदूर साथी शहीद हो गए थे, शहादत दिवस पर उनकी शहादत को याद करते हुए दल्ली राजहरा में बाइक रैली और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। शहादत दिवस के अवसर पर 2 जुन 2023 की शाम को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़ युवा मुक्ति मोर्चा व बेरोजगार संघ के द्वारा छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा कार्यालय से सैकड़ों लोगों की जनसंख्या में बाईक रैली के माध्यम से संपूर्ण नगर भ्रमण करते हुए अमर शहीदो को लाल सलामी दिया गया
दिनांक 3 जुन दिन शनिवार को शहादत स्थल के समीप छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है, कार्यक्रम की अध्यक्षता सोमनाथ उइके जी( अध्यक्ष सी एम एस एस) और कामरेड जनक लाल ठाकुर जी (पूर्व विधायक एवम् अध्यक्ष छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा), छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़ युवा मुक्ति मोर्च व बेरोजगार संघ के, छत्तीसगढ़ महिला मुक्ति मोर्चा के समस्त पदाधिकारी व सदस्यगण तथा शहीद अस्पताल के समस्त चिकित्सक, नर्स व कर्मचारी और बालोद, राजनांदगांव, मानपुर -मोहला, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, टेडेसरा, जामुल से लाल- हरा परिवार से शामिल होने लिए आए हुए सैकड़ों साथियों के मौजूदगी में इस श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम में सर्वप्रथम उन सभी शहीद साथियों सहित बालक सुदामा के स्मारक स्थल में जाकर पूजा अर्चना करके उनके शहीद स्मारक में लाल सलामी देते हुए पुष्प माला अर्पित किया गया, तत्पश्चात सभा स्थल पर सभी लोगो की उपस्थिति में शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद कामरेड शंकर गुहा नियोगी जी और स्वर्गीय गणेश राम चौधरी जी के छायाचित्र को कामरेड साथियों के द्वारा श्रद्धांजलि दिया गया

व संगठन के लोक गायकों ने जन गीतों के माध्यम से शहीदों को याद करते हुए कार्यक्रम शुरू किया गया और इस श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम के मंच संचालन का कार्य रामचरण नेताम जी के द्वारा किया गया, और बाहर अन्य जिले से आए हुए जुझारू कामरेड साथियों के द्वारा अपने उद्बोधन में संगठन के द्वारा मेहनतकश मजदूर किसान साथियों के हक अधिकार के लिए किए गए आंदोलन और लड़ाई के बारे में सभा को संबोधित किया गया, और संगठन को आगे भी मजदूरों व किसानों के लड़ाई के लिए अग्रसर रह उनके साथ रहने की बात कही गई, तथा केन्द्र सरकार के द्वारा लागतार मजदूर किसान साथियों के लिए किए जा रहे पक्षपात उनके विरुद्ध बिल और श्रम नियमों के अवहलनाओ पर जम कर विरोध किया गया ।

2 – 3 जुन शहादत दिवस- शहीद अमर है वो जिंदा है जनता के बीच।



दल्ली राजहरा 2-3 जुन 1977 दल्ली राजहरा के 10 हजार से ज्यादा खदान मजदूर यहा के स्थापित ट्रेड यूनियनों के सरकार, मैनेजमेंट व ठेकेदार परस्त चरित्र को पहचान कर शहीद कॉमरेड शंकर गुहा नियोगी जी के नेतृत्व में तीन माह से ज्यादा समय से माइंस के स्थाई कर्मचारियों के समकक्ष बोनस व झोपड़ी मरमम्मत जैसे आवश्यक किन्तु साधारण मांगो के साथ सबसे महत्वपूर्ण अपने आत्मसम्मान व स्वाभिमान के संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखे हुए थे।
वही दूसरी तरफ सरकार, मैनेजमेंट, और ठेकेदार मजदूरो के जायज आंदोलन को कुचलने के लिए अवैध काम बंदी, कार्य की ठेका समाप्ती पर समय पर ठेका नही करना जैसे तमाम अनैतिक व गैरकानूनी तौर तरीके आजमाने के बावजुद आंदोलनन को समाप्त करने में नाकाम होने के बाद दमन के अंतिम अस्त्र पुलिसिया गोलीकांड को अंजाम देने से पूर्व सबसे पहले आंदोलन के नेतृत्वकर्ता शहीद कॉमरेड शंकर गुहा नियोगी जी को चर्चा करने के बहाने रात के अंधेरे में छलपूर्वक गिरफ्तार कर 2 जुन की रात व 3 जुन को दिन के उजाले में निहत्थे मजदूरो पर देश के संविधान, कानुन व नैतिकता को रौंदते हुए और लोकतंत्र व गणतंत्र की महान अवधारणा को कुचलते हुए बर्बरता पूर्वक गोलीया चलाई थी। इस बर्बर और जघन्य गोलीकांड में देश के मजदूर आंदोलन में पहली शहीद महिला मजदूर कॉमरेड अनुसूईया बाई व 12 वर्षीय बालक शहीद सुदामा के साथ कुल 11 मजदूर शहीद हुए थे। इस बर्बर हत्याकांड के बाद भी आंदोलन जारी रहा और 11 मजदूर साथीयो की शहादत के बदौलत खदान मजदूरो ने अपने आत्मसम्मान और स्वाभिमान के संघर्ष में सफलता प्राप्त करते हुए आगे चलकर पुरे देश के मजदूर आंदोलन को अपने संघर्ष और निर्माण के सिद्धांत से परिचित कराते हुए शोषण और दमन से मुक्त एक नये समाज निर्माण की एक नई दिशा दिखाई। वही इन वीर बलिदानीयो के बलिदान के बदौलत ही भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों की अपेक्षा दल्ली राजहरा के खदानो में कार्यरत ठेका श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, बोनस, भत्ता, सुरक्षा उपकरण और उनकी आजीविका का अधिकार निरंतर सुरक्षित है। शहीद कॉमरेड शंकर गुहा नियोगी जी के नेतृत्व में और उनके बाद छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा व छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के नेतृत्व में यहा पर चले मजदूरो के जुझारु आंदोलन का ही नतिजा है की यहा के खदानो में ठेकेदार मजदूरो का आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण करने में कभी सफल नही हो पाये।


कार्यक्रम में उपस्थित मंचस्थ अतिथि,और साथीगण – जनक लाल ठाकुर जी (अध्यक्ष छ. ग. मु. मो.), सोमनाथ उईके जी (अध्यक्ष सी. एम. एस. एस.), योगेश यादव (अध्यक्ष बेरोजगार युवा संघ), हेमंत कांडे, प्रकाश क्षत्रिय, राजेंद्र बेहरा,अनिल यादव, तेज राम विद्रोही,प्रेम नारायण वर्मा, गैंद सिंह ठाकुर, बंशी राम साहू, नवाब जिलानी, शैलाब जाना, सांवरा यादव,गोरख नाथ, तुहीन देव,महंती, शैलाब बंबोडे, तुकाराम कोर्राम,टेकराम, तुलसी राम कोला, रामचरण नेताम, सुरेन्द्र साहू, नासिक यादव, जनक लाल साहू, राजा राम बरगद, कृष्णा यादव, इंद्रपाल सिंह,मोहित सिंह, शिव कुमार, संजय कुमार साहू,बिहारीलाल ठाकुर, हीरा साहू,पंच राम उइके, हितेश डोंगरे, नीरज ठाकुर, राजकुमार यादव, सूरज कुमार उइके, संजू कुमार,लोकेश यदु, ऐनु साहू, भारत लाल, डोमेंद्र सिंह ,रवि कुमार जगमोहन, लोमंश,धर्मेंद्र कुमार, तिलोक, संजय कुमार यादव आदि उपस्थित थे,

विनित – छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, बेरोजगार संघ, दल्ली राजहरा

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