भाजपा मंडल अनुसूचित जाति मोर्चा नगर अध्यक्ष चन्द्रकान्त चोपड़े (बंटी) के नेतृत्व मे भारतरत्न डॉ.भीमराव अंबेडकर का जन्म उत्सव हर्ष उल्लास से मनाया गया।

भाजपा मंडल अनुसूचित जाति मोर्चा नगर अध्यक्ष चन्द्रकान्त चोपड़े (बंटी) के नेतृत्व मे भारतरत्न डॉ.भीमराव अंबेडकर का जन्म उत्सव हर्ष उल्लास से मनाया गया।
दल्लीराजहरा :-
भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय नवीन मार्कण्डेय निर्देशानुसार पर व भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा जिला बालोद की जिलाध्यक्ष डिशोक जांगड़े के आह्वान पर आज दल्लीराजहरा मंडल भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नगर अध्यक्ष चन्द्रकान्त चोपड़े (बंटी) के नेतृत्व मे भारतरत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्म उत्सव हर्ष उल्लास से मनाया गया सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यर्पण व पूजा अर्चना किया गया इसके पश्चात मंडल महामंत्री महेंद्र सिंह ने अपने विचार में कहा कि बाबा साहेब को संविधान निर्माता भी कहते है इस सविधान बनाने में 2 साल 11 महीने और 17 दिन लग गए थे उन्होंने 25 नवम्बर 1949 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को यह संविधान सौप दी थी।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश सह सोशल मीडिया प्रभारी हितेश कुमार डोंगरे ने अपने वक्तव्य के कहा कि बाबा साहेब जीवन भर पिछड़े वर्ग व असहाय लोगो के लिए लड़ते रहे महार जाति को उस समय छूआछूत की भावना से देखते थे खुद भी महार जाति होने के कारण उसे भी भेदभाव का सामना करना पड़ा क्योंकि उस समय जातिवाद चरम सीमा पर थी। इसके बाद अनुसूचित जाति मोर्चा नगर अध्यक्ष चंद्रकांत चोपड़े ने कहा कि बाबा साहेब के बताए रास्ते में चलकर ही हम अपना जीवन सफल कर सकते है

जिला मंत्री राकेश कोसरे ने कहा कि 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू गांव में एक बालक का जन्म हुआ जिसका नाम भीम रखा गया आगे चलकर यही बालक बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नाम से प्रसिद्ध हुआ पूरे भारतवर्ष में 14 अप्रैल को इनका जन्मदिवस धूमधाम से मनाया जाता है इस पूरे कार्यक्रम में मुख्य रूप उपस्थित भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश सह सोशल मीडिया प्रभारी हितेश कुमार डोंगरे ,भाजपा मंडल महामंत्री महेंद्र सिंह, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रमेश गुज़र भाजपा अनु.जा.मो जिला बालोद जिला मंत्री राकेश कोसरे , अनुसूचित जाति मोर्चा जिला कार्यसमिति सदस्य सागर गनिर, शेखर करायत आदि उपस्थित थे।
