पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के साये की कोशिश नाकाम, पुलिस की मुश्तैदी से बच गई जान

पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के साये की कोशिश नाकाम, पुलिस की मुश्तैदी से बच गई जान
राजनांदगांव | 5 मई 2026
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से आज सुबह अपहरण के प्रयास की एक सनसनीखेज खबर सामने आई। पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता फूलबासन बाई यादव को अगवा करने की कोशिश की गई, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर विफल कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना आज मंगलवार सुबह करीब 10 बजे की है। बेमेतरा जिले की रहने वाली एक महिला (खुशबू साहू) अपने तीन अन्य साथियों के साथ जिसमें एक महिला और 2 पुरुष थे फूलबासन जी के निवास पर पहुंची थी। आरोपियों ने किसी विषय पर चर्चा करने के बहाने उन्हें घर से बाहर नीचे बुलाया। जैसे ही वे पास आईं, आरोपियों ने उन्हें जबरन अपनी कार में बैठा लिया और मौके से फरार हो गए।
मुंह और हाथ बांधकर ले जा रहे थे आरोपी
अपहरणकर्ताओं ने फूलबासन बाई यादव का विरोध रोकने के लिए कार के भीतर ही उनके हाथ और मुंह बांध दिए थे। आरोपी उन्हें जिले की सीम बाहर ले जाने की फिराक में थे, लेकिन उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया।
पुलिस चेक पोस्ट पर पकड़ाया झूठ
जब आरोपियों की कार खैरागढ़ क्षेत्र के चिखली पुलिस चौकी के पास पहुंची, तो वहां रूटीन चेकिंग चल रही थी। पुलिस टीम ने संदेह होने पर गाड़ी को रुकवाया। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने मनगढ़ंत कहानी बनाई कि महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है और वे उन्हें जल्दबाजी में अस्पताल ले जा रहे हैं।
हालांकि, चेकिंग टीम में तैनात एक पुलिसकर्मी ने कार के भीतर बंधक बनी महिला को पहचान लिया कि वे पद्मश्री फूलबासन बाई यादव हैं। पहचान उजागर होते ही पुलिस ने तत्काल तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
पूछताछ जारी, सुरक्षित हैं फूलबासन बाई
पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लिया है। फिलहाल सभी आरोपियों से सुकुल दैहान पुलिस चौकी में कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि अपहरण के पीछे के असली मकसद और किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।
घटना के बाद फूलबासन बाई यादव को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है।
राजनांदगांव से संतोष सहारे की रिपोर्ट