खडगांव पंचायत में 11अगस्त के प्रस्ताव और राशि आहरण को लेकर उठे सवाल, जांच की मांग

खड़गांव पंचायत में 11 अगस्त के प्रस्ताव और राशि आहरण को लेकर उठे सवाल, जांच की मांग
खड़गांव। ग्राम पंचायत खड़गांव में पंचायत के भुगतान और राशि आहरण को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुमारी बाई धुर्वे के खाते में किए गए भुगतान को लेकर उठे सवालों के बाद अब 11 अगस्त को किए गए एक अन्य प्रस्ताव और उससे संबंधित राशि आहरण को लेकर भी ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई है।
जानकारी के अनुसार, 11 अगस्त को ग्राम पंचायत में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें करीब 30 हजार रुपये की राशि का उल्लेख बताया जा रहा है। वहीं पंचायत के भुगतान एवं आहरण संबंधी विवरण में 45 हजार रुपये से अधिक राशि निकाले जाने की बात सामने आ रही है। प्रस्तावित राशि और वास्तविक आहरण के बीच अंतर को लेकर अब पंचायत के जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि 11 अगस्त के प्रस्ताव में करीब 30 हजार रुपये की राशि स्वीकृत थी, तो पंचायत खाते से 45 हजार रुपये से अधिक राशि किस आधार पर आहरित की गई? राशि का उपयोग किस कार्य में किया गया तथा उससे संबंधित बिल, वाउचर और अन्य अभिलेख पंचायत में उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी जांच की मांग की गई है।
बताया जा रहा है कि राशि के हिसाब-किताब को लेकर सचिव से पूछताछ किए जाने पर उनके द्वारा कथित रूप से 21 हजार रुपये नकद अपने पास होने की बात कही गई। इसके बाद नकद राशि के रख-रखाव और लेखांकन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि उक्त राशि कैशबुक में दर्ज है या नहीं तथा उसके समर्थन में आवश्यक वाउचर एवं अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं।
हालांकि, केवल सचिव के पास 21 हजार रुपये नकद होने की बात से अपने आप किसी वित्तीय अनियमितता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। वास्तविक स्थिति कैशबुक, नकद शेष, भुगतान वाउचर, बिल, बैंक स्टेटमेंट और पंचायत के लागू वित्तीय नियमों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
दस्तावेजों की जांच की मांग


स्थानीय लोगों ने 11 अगस्त के प्रस्ताव की मूल प्रति, स्वीकृत राशि, बैंक से आहरित वास्तविक राशि, कैशबुक, भुगतान वाउचर, बिल, मस्टररोल तथा बैंक स्टेटमेंट की जांच कराने की मांग की है। यदि किसी निर्माण या अन्य कार्य के नाम पर राशि खर्च की गई है, तो उसका मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की मांग भी की गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी ग्राम पंचायत खड़गांव में कुमारी बाई धुर्वे के खाते में किए गए भुगतान को लेकर ग्राम सभा में सवाल उठ चुके हैं। अब एक अन्य भुगतान और राशि आहरण का मामला सामने आने के बाद पंचायत के वित्तीय लेन-देन को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के खाते से निकलने वाली प्रत्येक राशि का स्पष्ट और विधिवत हिसाब पंचायत के अभिलेखों में होना चाहिए। यदि प्रस्तावित राशि और वास्तविक आहरण में अंतर है, तो उसका कारण दस्तावेजों के साथ स्पष्ट किया जाना चाहिए।
फिलहाल ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 11 अगस्त के प्रस्ताव में कितनी राशि स्वीकृत थी, वास्तव में कितनी राशि आहरित हुई, 21 हजार रुपये नकद किस मद से संबंधित हैं और उसका लेखा पंचायत की कैशबुक में किस प्रकार दर्ज है।
पंचायत सचिव एवं संबंधित जिम्मेदार पदाधिकारियों का आधिकारिक पक्ष भी इस मामले में महत्वपूर्ण है। उनका जवाब और संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
मानपुर से जिब्राइल खान की रिपोर्ट