पानाबरस में हर्षोल्लास के साथ गया राज देव दशहरा, परंपराओं और आस्था का दिखा संगम

पानाबरस में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया राज देव दशहरा, परंपराओं और आस्था का दिखा संगम
पानाबरस। पानाबरस स्थित राज देवी माता मंदिर में राज देव दशहरा पर्व 14 गढ़ एवं 360 परगनिहा क्षेत्र से पहुंचे समाजजनों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ राज देवी माता की विधिवत पूजा-अर्चना से हुआ। इसके पश्चात दशहरा स्थल पर स्थित राज पत्थर एवं अन्य वृक्षों की पूजा की गई। परंपरा के अनुसार कुम्हड़े का भोग अर्पित कर क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की गई। पूरे आयोजन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मान्यताओं के प्रति श्रद्धा देखने को मिली।




इस अवसर पर राजा लक्ष्मेन्द्र शाह को तिलक लगाकर सम्मानित किया गया। वहीं बैगा-मांझी का सत्कार एवं सम्मान कर उनकी पारंपरिक सामाजिक भूमिका के प्रति आदर व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में स्वर्गीय लाल श्याम महाराज एवं स्वर्गीय मनमोहनी देवी शाह को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनका स्मरण किया गया।
राज देव दशहरा के पावन अवसर पर गोंडी भाषा में पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। उपस्थित समाजजनों ने अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया। आयोजन से एक दिन पूर्व मांझी खवास द्वारा खाड़ा पूजा भी की गई।
ये रहे उपस्थित: राजा लक्ष्मेन्द्र शाह, राज बैगा बीर शाह, देव पठारी देवदास, सुजान तुलावी, बेलार तुलावी, देवी लाल मांझी, जीवन होंगा, अमरनाथ मंडावी, केजू राम बोगा, मानसाय बोगा, मोहन बोगा, बाजीराव हरामी, महेश खवास, प्रेमलाल घावड़े तथा समिति के सचिव राजिम शाह मरकाम सहित समाज के अन्य गणमान्यजन एवं परिवारजन उपस्थित रहे।
राज देव दशहरा का यह आयोजन क्षेत्र की आस्था, सामाजिक सद्भाव और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक बना।
*मानपुर से जिब्राइल खान की रिपोर्ट”