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माइंस मैनेजमेंट और ठेकेदार के सांठ -गांठ और षड्यंत्र के चलते आज दल्लीराजहरा का बुरा हाल। स्थानीय बेरोजगार युवाओं में आक्रोश।

माइंस मैनेजमेंट और ठेकेदार के सांठ -गांठ और षड्यंत्र के चलते आज दल्लीराजहरा का बुरा हाल। स्थानीय बेरोजगार युवाओं में आक्रोश।

👉माइंस मैनेजमेंट और ठेकेदार द्वारा स्थानीय निवासी को रोजगार ना देकर बाहरी राज्यों से मज़दूर बुलाकर रोजगार दे रहें है। :- दल्ली राजहरा में बेरोजगारी की मुख्य समस्या।

👉दल्लीराजहरा स्थानीय मजदूर अपने परिवार पालने हेतु अन्य राज्यो में पलायन हो रहे है।

👉अगर माइंस प्रबंधन व ठेकदार व शासन प्रशासन द्वारा हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो उग्र आंदोलन, चक्काजाम करके धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

दल्लीराजहरा:-

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ और छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा द्वारा दल्ली राजहरा के स्थानीय नौवजवान बेरोजगारों को दल्ली राजहरा के लौह अयस्क खदानों में रोजगार उपलब्ध कराने के व बी. एस. पी. प्रबंधन और ठेकेदारों कंपनी के मनमानी और अडियल रहवाये के संबंध में समस्या को लगातार पुनः अवगत कराते हुए, आज दिनांक 17 अप्रैल 2023 को छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ कार्यालय दल्ली राजहरा से ठेकाश्रमिक साथी और बेरोजगार नौजवान युवाओं साथियों के द्वारा बाइक रैली के माध्यम से नगर भ्रमण करते हुए, एस. डी. एम. कार्यलय में जाकर अपने जायज मांगों लेकर अनुविभागीय अधिकारी डौंडीलोहारा के माध्यम से पुनः जिलाधीश महोदय- जिला बालोद को ज्ञापन पत्र सौंपा गया साथ में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन और आगे की कार्यवाही के लिए आंदोलन का आगाज किया गया,

एक दिवसीय धरना प्रदर्शन और आगे की कार्यवाही के लिए आंदोलन का आगाज

रामचरण नेताम जी (महामंत्री सी.एम.एस.एस.), ने अपने उद्बोधन में कहा की क्षेत्र के विकास और रोजगार के लिए आज हर कोई लड़ाई लड़ रहा है चाहे वह ठेकाश्रमिक यूनियन, व्यापारी संघ हो या फिर दल्ली राजहरा के सर्व समाज हो सभी लोग इस दल्ली राजहरा को बचाने में लगे है,जब यहा के बेरोजगार युवाओं को रोजगार नही मिलेगा तो ये जगह उजड़ेगा तो फिर दल्ली राजहरा का विकास नही हो सकेगा, आज हा मन देखत हन दल्ली में जो काम खुलत है बी एस बी के प्लांट और पैलेट प्लांट के नीव खोदे जा चुके हैं लेकिन यहां के मैनेजमेंट और ठेकेदार कंपनी के माध्यम से बाहर अन्य राज्यो से आऊटसोर्सिंग के माध्यम से मजदूर लाए जात है और दल्ली राजहरा के मजदूर और बेरोजगार लोग को वहा पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराए जा रहा है, यह एक सडयंत्र के तहत यहां के माइंस मैनेजमेंट और ठेकदार के बीच सांठ गांठ के वजह से दल्ली में बेरोजगारी के समस्या बढ़ते जा रहा है

दल्ली राजहरा से ठेकाश्रमिक साथी और बेरोजगार नौजवान युवाओं साथियों के द्वारा बाइक रैली के माध्यम से नगर भ्रमण

जिसका समाधान करना शासन प्रशासन के जिमेदारी बनता है, लेकिन दल्ली के स्थानीय बेरोजगार नौजवान लोगो के लिए रोजगार नही है, जिसके वजह से यहां के लोगो काम के तलाश में अन्य राज्यो में पलायलन होने में मजबूर हो गए है, हमारा यह जायज मांग है कि यहां माइंस में जो काम खुल रहा है वहा अन्य राज्यो से आउटसोर्सिग के द्वारा लाए जा रहे मजदूर को बंद करके , स्थानीय युवाओं और लोगो काम में लिया जाए , शासन प्रशासन अगर हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है आने वाले समय में हम प्रशासन को चेतावनी देना चाहत हन की हम बहुत बड़े आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसमे धरना प्रदर्शन और चक्का जाम करके स्थानीय बेरोजगार साथी लोग को रोजगार उपलब्ध कराएंगे,

कामरेड जनक लाल ठाकुर जी (पूर्व विधायक,डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र), के द्वारा
एस.डी.एम. महोदय को क्षेत्रीयतावाद के मुद्दे में हस्ताक्षेप कर स्थानीय बेरोजगार नौजवान युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराई जा सके वर्तमान समय में दल्ली राजहरा के खदानों में क्षेत्रीयतावाद व पूर्ण मशीनीकरण की अवधारणा को खत्म करके बेरोजगारी की समस्या को देखते हुए, स्थानीय युवाओं को उनके योग्यता अनुसार खदान में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अवगत कराते हुए उन्होंने कहा की दल्लीराजहरा नगरवासियों एवं यहाँ पर निवासरत नौवजवान बेरोजगारों के लिए कोई न रोजगार के साधन उपलब्ध नहीं है, न ही यहाँ के स्थानीय रहवासियों को उसका लाभ प्राप्त हो रहा है, चूंकि लौह नगरी दल्लीराजहरा में लौह अयस्क की खदानों में उत्खनन लगातार जारी है, लेकिन यहाँ स्थानीय बेरोजगारों के लिए रोजगार के साधन नगण्य है।

छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ / छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा दल्ली राजहरा द्वारा ज्ञापन सौंपते हुए


दल्लीराजहरा में शुरुवाती दिनों से लेकर 40 वर्षों तक लगभग 20 हजार कर्मचारी कार्य करते थे, जो घटकर आज वर्तमान में श्रमिकों की संख्या 3 हजार में ही सिमट गयी है, खदानों में हो रहे उत्पादन के अनुपात में कर्मचारियों की संख्या बहुत ही कम है, जिसका मूल कारण पूर्ण मशीनीकरण को बढ़ावा व मानवी श्रम का हनन हो रहा है, जिससे दल्लीराजहरा के स्थानीय नौजवान- बेरोजगारों में आक्रोश व्याप्त है,और औद्योगिक अशांति का खतरा मंडरा रहा है। कि दल्लीराजहरा के खदानों में क्षेत्रीयतावाद व कामरेड शहीद शंकर गुहा नियोगी जी का सपना था की पूर्ण मशीनिकरण अवधारणा को कम करके अर्ध मशीनिकरण किया जाए , जिसे दल्लीराजहरा के स्थानीय नौवजवान बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की पहल की जा सके ताकि औद्योगिक अशांति के खतरों से बचा जा सके, यहां के जनप्रतिनिधि सांसद और विधायक और माइंस प्रबंधन भी इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रमुखता से कार्य नही कर रहे है जिसके कारण इस क्षेत्र में दिनो दिन जनसंख्या लगातार घटती जा रही हैं , केन्द्र सरकार और राज्य सरकार लगातार लोगों को लुभावने वायदे करके उनके साथ धोखा दिया जा रहा है,
बी एस पी मैनेजमेंट के अधिकारी लोग बाहरी राज्यों के लोगो को लेकर व ठेकेदारों के साथ मिलकर , स्थानीय लोगों को काम करने नही दिया जा रहा है

उपस्थित पदाधिकारी व सदस्यगण
जनक लाल ठाकुर जी ( पूर्व विधायक ,डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र), रामचरण नेताम (महामंत्री सी.एम.एस.एस.), सुरेंद्र साहू (उपाध्यक्ष सी.एम.एस.एस.), कृष्णा यादव (उपाध्यक्ष सी.एम.एस.एस.), नासिक यादव (उपाध्यक्ष सी.एम.एस.एस.), राजाराम बरगद (कोषाध्यक्ष), बिहारी लाल ठाकुर, अमर तुमरेकी, पंच राम यूइके,योगेश यादव (अध्यक्ष बेरोजगार संघ) हितेश डोंगरे, नीरज ठाकुर,राजकुमार यादव, देवेन्द्र कोर्राम, कमलेश यादव,खेमलाल, संदीप कुमार,प्रवीण सार्वा, ऐनु कुमार साहू,देवकरण साहू,केशव राम,मोहित कुमार,सतीश,भूषण मंडावी,चितरंजन यादव, सुरेन्द्र बघेल,परमेश्वर साहू,सुरेश बोरकर, राजेंद्र ठाकुर, धर्मेंद्र कुमार, विक्की रामटेके,महेश कोसमा, उपस्थित थे,

विनित – छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ / छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा दल्ली राजहरा

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