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गोधन न्याय योजना गौठान घोटाला का अड्डा-रमेश हिड़ामे।

गोधन न्याय योजना गौठान घोटाला का अड्डा-रमेश हिड़ामे।


मोहला संवाददाता:-योगेंद्र सिंगने
मोहला:-


भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष वर्तमान जिला भाजपा उपाध्यक्ष मोहला मानपूर अं चौकी रमेश हिड़ामें ने कहा है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट नरूवा गरूवा घुरूवा बाड़ी में से एक गोधन न्याय योजना को भारतीय जनता पार्टी द्वारा संपूर्ण छ ग में चलबो गौठान खोलबो पोल अभियान चला रही है जिसके तहत हमें भी गौठानों में जाने का अवसर मिला गौठानों में जाने से धरातल की सच्चाई सामने आई ग्राम-सभा को गौठान संचालन समिति गठन करने शासन स्तर से निर्देश मिला ग्राम-सभा ने समिति अध्यक्ष चयन किया लेकिन वह अध्यक्ष के विरूद्ध दूसरा अध्यक्ष सत्ता में बैठे लोगों ने बनाया जो सत्ता दल का नेता है जहां सिर्फ कांग्रेस पार्टी के ग्राम व ऊपर स्तर तक के लोगों का नाम है जिनका काम गोबर खरीदना है पर कहीं पर भी समिति गोबर नहीं खरीद रही समूह की बहनें ही ये सब करती हैं। कहीं-कहीं तो गोबर के जगह कंकड़ पत्थर ही नजर आये, गांव अचरज है कि ऐसा कैसे हुआ? छ ग सरकार कहती है कि समिति को रू 10000/- प्रति माह गौठान मेंटेनेंश के लिये दी जाती है जिसकी जानकारी ना गांवों को है ना जैविकखाद निर्माण पर काम कर रही महिला बहनों को है, फिर यह राशि कहां जाता है?कांग्रेस सरकार ने सुनियोजित तरीके से गोधन न्याय योजना से कैसे राशि हड़पी जाये गणित बनाया है। कहीं-कहीं तो दलाल गोबर सप्लाई करते हैं एक ट्राली 35 क्विटल का ढुलाई सहित रू 3500/- जो shg की बहिनें अपने जेब से पेमेंट करती हैं जांच हो तो35क्विटल गोबर का रू 7000/- किसके खाते में जाता है पता चल जायेगा कि दलाल को शुद्ध 3500+7000=10500 कमाई होता है पेकिंग हेतु बोरी बजार में पांच रूपये में मिलने के लायक प्रति बोरी को जनपद पंचायतों से पंद्रह रूपये प्रति बोरी के भाव से दी जाती है और महिला बहनें आपस में चंदा करके लेती हैं कि कल उन्हें बोरी का राशि मिलेगा लेकिन अब तक राशि ही नहीं मिला,फिर यह क्यों? दलाली का राशि कहां जाता है? केचुआ भी प्रति किलो रू 100-1000 तक स्वयं के जेब से खर्च करना पड़ता है रू 5-10हजार लग जाता है केचुआ की राशि कहां जाता है? दश रपये प्रति किलो जैविक खाद का रू 3-94 लगभग चार रूपये मिलता है छ: रूपये कहां जाता है? किसानों का कहना है कि इस खाद को खेत में डालने से सांवा ज्यादा उगता है इससे साफ होता है कि खाद सही नहीं पकता गौठानों में कहीं-कहीं पानी की सुविधा नहीं है ना बिजली की, जिससे केचुआ मर चुके हैं समूह छेना को पीसकर छानने और पेकिंग करने मजबूर हैं और मोहला मानपूर विधायक कहते हैं कि भाजपा का चलबो गौठान खोलबो पोल अभियान बरसाती मेंढक की तरह है विधायक जी भाजपा तब भी आम जन के हित की आवाज ऊठाती थी और अब भी ऊठाती है तभी तो छ ग सरकार में खलबली मची हुई है कोल घोटाला, प्रधान मंत्री आवास,बेरोजगारी भत्ता,32%आरक्षण शराब घोटाला और अब निश्चित ही गौठान घोटाला का ऊजागर होने वाला है जहां 14वें, 15वें वित, LWE,DMF जैसे मदों का दुर्पयोग हुआ है विधायक जी कहते हैं महिलायें शसक्त हो रही हैं या तो विधायक को सच्चाई मालूम नहीं या दूसरे के मुंह में पान खा रहें या कमीशन खा रहे हैं यदि ऐसा नहीं तो विधायक जांच करवायें सब सच्चाई सामने आयेगी, धरातल से देखने से यही लगता है कि गोधन न्याय योजना गौठान घोटाला का अड्डा बना हुआ है जहां का राशि रू 180/-प्रति बेग का नीचे से ऊपर बंट रहा है। सरकार योजना के नाम शिर्फ राशि डकारने में लगी है।महिला शसक्त तो तब होती जब विधायक/सरकार उनको शसक्त होते तक रू 300/-प्रति बेग देती,मुफ्त में केचुआ, मुफ्त में पेकिंग बोरी, मुफ्त में पानी,बिजली उपलब्ध कराती।

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