
🌸 नन्हीं सोनिया ने जन्मजात हृदय रोग को दी मात, सफल ऑपरेशन से घर में लौटी खुशियां 🌸
— जिला प्रशासन, चिरायु दल और छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से हुआ सफल उपचार
मोहला, 30 अक्टूबर 2025।
जिले के ग्राम ताड़ो की आठ वर्षीय बालिका सोनिया ने जन्मजात हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर नई जिंदगी पाई है। प्राथमिक शाला ताड़ो में दूसरी कक्षा में अध्ययनरत सोनिया, पिता श्री उमेद कुमार और माता श्रीमती प्रतिमा की प्यारी बिटिया है। उसकी हंसी और चंचलता पूरे घर में खुशियों की रौनक भर देती थी, परंतु कुछ महीने पहले एक मामूली स्कूल स्वास्थ्य जांच के दौरान ऐसा पल आया जिसने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी।
जब चिरायु दल मानपुर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विद्यालय पहुँचा, तो सोनिया की धड़कनों में डॉक्टरों ने असामान्य ध्वनि महसूस की। एहतियातन सोनिया को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मानपुर भेजा गया, जहाँ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता शर्मा ने जांच के बाद बताया कि सोनिया को जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) है। यह सुनते ही परिवार की आंखों में चिंता के बादल छा गए, पर साथ ही एक उम्मीद की किरण भी जग उठी—कि अब बेटी को सही उपचार मिलेगा।
डॉ. शर्मा ने तत्काल सोनिया को आगे की जांच हेतु नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर रिफर किया। अक्टूबर 2024 में चिरायु दल मानपुर की टीम ने सोनिया को रायपुर ले जाकर विस्तृत जांच कराई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ऑपरेशन ही एकमात्र समाधान है। आर्थिक रूप से सीमित परिवार के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति थी, परंतु जिला प्रशासन, चिरायु दल और छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग ने यह कठिनाई आसान बना दी।
25 मई 2025 को नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा सोनिया का ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों की कुशलता और माता-पिता के अटूट विश्वास के बल पर ऑपरेशन सफल रहा। कुछ दिनों के उपचार के बाद, 2 जून 2025 को सोनिया को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। उस दिन उसकी मुस्कान और चमकती आंखें देखकर डॉक्टरों और परिवारजन सभी भावुक हो उठे।
एक महीने बाद हुए फॉलो-अप जांच में डॉक्टरों ने बताया कि सोनिया पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जीने में सक्षम है। आज वह फिर से स्कूल जाती है, अपने दोस्तों के साथ खेलती है, और हर दिन नयी ऊर्जा व उमंग के साथ मुस्कुराती है। उसकी मुस्कान अब एक नई उम्मीद बन गई है — यह बताने के लिए कि सही समय पर मिला उपचार, समर्पण और सेवा भावना से कोई भी कठिनाई असंभव नहीं रहती।
इस सफलता के पीछे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मानपुर, चिरायु दल मानपुर, जिला चिकित्सालय मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ शासन का अमूल्य सहयोग रहा। उनके संयुक्त प्रयासों से नन्हीं सोनिया आज फिर से सामान्य और खुशहाल जीवन की ओर लौट सकी है।
यह कहानी केवल एक बालिका की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल है जिसने यह साबित किया कि जब व्यवस्था जागरूक होती है, तो जीवन भी मुस्कुराने लगता है।
— योगेन्द्र सिंगने की रिपोर्ट
जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी