
हिंदू आस्था पर आघात बर्दाश्त नहीं : दोषी शिक्षक को तत्काल बर्खास्त करने की मांग
टेकराम भंडारी ने कहा – धार्मिक भावनाओं का अपमान अस्वीकार्य
मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी।
हिंदू समाज की धार्मिक आस्था से जुड़े एक गंभीर मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। हिंदू समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता टेकराम भंडारी ने एक शिक्षक द्वारा हिंदू आस्था पर की गई कथित टिप्पणी/कृत्य को घोर निंदनीय बताते हुए उसे तत्काल सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है।
टेकराम भंडारी ने कहा कि हिंदू समाज में पत्थर में सिंदूर लगाकर उसे बजरंग बली हनुमान जी का प्रतिरूप मानकर पूजा करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। यह केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की गहरी आस्था, विश्वास और धार्मिक भावना से जुड़ा विषय है। इस आस्था का मज़ाक उड़ाना या उसे ठेस पहुँचाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि आस्था का अपमान करना संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है। किसी भी व्यक्ति, विशेषकर शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाए।

शिक्षक समाज के लिए मार्गदर्शक होता है, यदि वही व्यक्ति नफरत या अपमान का भाव फैलाएगा तो यह आने वाली पीढ़ी के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होगा।
भंडारी ने प्रशासन से मांग की कि मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ऐसे मामलों पर कठोर कदम नहीं उठाए गए तो इससे समाज में असंतोष और तनाव बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज शांतिप्रिय है, लेकिन अपनी आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रशासन को चाहिए कि वह समय रहते कठोर निर्णय लेकर सामाजिक सौहार्द बनाए रखे।
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में हिंदू संगठनों और आम नागरिकों में भी रोष देखा जा रहा है। लोग मांग कर रहे हैं कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।
*मोहला से योगेन्द्र सिंगने की रिपोर्ट*