सम्यक बौद्ध महासभा के तत्वावधान मे गौतम बुद्ध की 2567 वी जयंती समारोह हर्षोल्लास के साथ अंबेडकर मेमोरियल हॉल दल्ली राजहरा में मनाया गया।

सम्यक बौद्ध महासभा के तत्वावधान मे गौतम बुद्ध की 2567 वी जयंती समारोह हर्षोल्लास के साथ अंबेडकर मेमोरियल हॉल दल्ली राजहरा में मनाया गया।
दल्लीराजहरा:-
सम्यक बौद्ध महासभा के तत्वावधान मे दुख मुक्ति के मार्ग दाता विश्व शांति के अग्रदूत महाकारुनिक तथागत गौतम बुद्ध की 2567 वी जयंती समारोह हर्षोल्लास के साथ अंबेडकर मेमोरियल हॉल दल्ली राजहरा में मनाई गई। *प्रातः कालीन कार्यक्रम मै समाज प्रमुख एवं नगर के सीएसपी कर्ण कुमार ऊके के द्वारा तथागत गौतम बुद्ध एवं डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया एवं पंचशील झंडे का ध्वजारोहण समाज के अध्यक्ष अशोक बाम्बेश्वर के द्वारा किया गया ।तत्पश्चात बौद्ध उपासक उपाशीकाओ के द्वारा परित्राण पाठ किया गया।

इस उपलक्ष में समाज के द्वारा आम नागरिकों को खीर का वितरण किया गया। समाज के प्रमुख वक्ताओं ने तथागत गौतम बुद्ध के विचार एवं उनके द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी ।बुद्ध ने नई धारा को जन्म दिया जो बहुजन हिताय बहुजन, सुखाय के भाव को चरितार्थ किया । बौद्ध धर्म के इतिहास में एक भी ऐसा पृष्ठ नहीं है जो रक्त रंजीत हो ।बौद्ध धर्म के पास एक ही तलवार है – प्रज्ञा की तलवार और एक ही शत्रु है अज्ञान । बुद्ध की सारी शिक्षाएं मनुष्य पर केंद्रित है ।बुद्ध के लिए मनुष्य से ऊपर कोई सत्य नहीं। बुद्ध ने कहा मैं चिकित्सक हूं कोई दार्शनिक नहीं ।मनुष्य अपना भविष्य खुद निर्धारित कर सकता है। बुद्ध का धर्म बुद्धि का धर्म है। उसका प्रारंभ बुद्धि से है। बुद्ध ने हर समस्या का उत्तर शास्त्र से नहीं बल्कि विश्लेषण प्रक्रिया से दिया है। संध्याकालीन कार्यक्रम में सम्यक बौद्ध महासभा, छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज एवं महाप्रज्ञा बुद्ध विहार के संयुक्त तत्वाधान में विशाल मोमबत्ती रैली निकाली गई।रैली में बाल धम्म सभा द्वारा बनाया गया तथागत एवं भिक्खू संघ की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बिंदु रहा।

रैली का शुभारंभ महाप्रज्ञा बुद्ध विहार से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्ग से भ्रमण करते हुए जैन भवन चौक में पहुची । चौक में समस्त बौद्ध उपासक एवं उपासिकाओ द्वारा त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण किया गया एवं चौक में मोमबत्ती जलाकर विश्व में अमन-शांति का संदेश दिया। रैली में सतीश कांबले द्वारा प्रसाद के रुप मे हल्वा एवं देवेश मेश्राम एवं साथियो द्वारा खीर वितरण किया गया । कार्यक्रम का मंच संचालन बी एल बौद्ध एवं आभार प्रदर्शन ईश्वर खोब्रागड़े ने किया।
इस अवसर पर समाज समाज प्रमुख अशोक बाम्बेश्वर अध्यक्ष सम्यक बौद्ध महासभा,भीमराव भैसारे अध्यक्ष महाप्रज्ञ बुद्ध विहार, फेरुलाल बाम्बेश्वर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ बौद्ध समाज ,भरत रंगारी, दिलीप सुखदेवे, ओमप्रकाश रामटेके, प्रवीण रामटेके, संतोष मेश्राम , त्रिभुवन बौद्ध,अजय रामटेके, सुरेंद्र मेश्राम,अनुप खोब्रागड़े,किशोर बाम्बेश्वर, भीमराव मेश्राम ,संतोष सहारे, बिसन लाल कांडे ,कमलकांत रामटेके ,अनिल रामटेके अमित बाम्बेश्वर, जी.एस.घडड़े ,विपिन चंद्र कार्र्वाडे, सुनील गोटे, के वी वैद्य, चंद्रकांत नंदेश्वर एकनाथ सहारे,सुरेश कामले, आशीष दुपारे, सतीश कांबले, सुमेध कांबले ,सत्यजीत पवार,रवि कुमार बारसागड़े, रोहन खडसे,

विवेक मेश्राम, जोत्सना काम्बले, विनीता बौद्ध, विशाखा शेंडे, मीना थूल, सविता धनविजय अलका दुपारे ,चित्रा वैद्य, कविता तिगोते, दुर्गा रामटेके, सुलोचना रामटेके, आशा नोन्हरे,किरण नोन्हरे,माया मेश्राम, चंद्ररेखा नंदेश्वर, जोत्सना मेश्राम, नीता रामटेके,शारदा बाम्बेश्वर,सीमा रामटेके, चंद्रशिला बाम्बेश्वर,माया रंगारी ,नीता रामटेके ,रितु उषा पी रामटेके सीमा मेश्राम, मीरा बौद्ध ,सावित्री रामटेके ,निशा खापर्डे, रंजना रामटेके एवं बौद्ध उपासक एवं उपासिकाये तथागत गौतम बुद्ध की शोभायात्रा में शामिल हुए।
अशोक बाम्बेश्वर
अध्यक्ष
सम्यक बौद्ध महासभा
दल्ली राजहरा