छत्तीसगढ़दल्लीराजहराबालोद

नगर पालिका अध्यक्ष की तानाशाही से दल्ली राजहरा का विकास अवरुद्ध।

नगर पालिका अध्यक्ष की तानाशाही से दल्ली राजहरा का विकास अवरुद्ध।


दल्लीराजहरा:-

दल्ली राजहरा नगर पालिका के वर्तमान कार्यकाल को लगभग नौ माह बीत चुके हैं, परंतु अत्यंत खेद और आक्रोश के साथ यह बताना पड़ रहा है कि नगर पालिका अध्यक्ष (भाजपा शासित) द्वारा शहर के विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने हेतु सामान्य सभा (General Body Meeting) की एक भी बैठक आयोजित नहीं की गई है।
हम (विधायक प्रतिनिधि, नेता प्रतिपक्ष, एवं उपनेता प्रतिपक्ष) संयुक्त रूप से इस अलोकतांत्रिक और मनमाने रवैये की कड़ी निंदा करते हैं।


अधिनियम का उल्लंघन और संवैधानिक दायित्वों से पलायन


• छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 35 के तहत यह स्पष्ट प्रावधान है कि नगर के विकास और सुचारू प्रशासन के लिए प्रत्येक दो माह में कम से कम एक सामान्य सभा की बैठक आयोजित किया जाना आवश्यक है।
• नौ माह बीत जाने के बावजूद, चार अनिवार्य बैठकों में से एक का भी आयोजन न करना स्पष्ट रूप से अधिनियम का उल्लंघन है और अध्यक्ष की ओर से अपने संवैधानिक दायित्वों से घोर पलायन है।


विकास कार्य ठप, मनमर्जी से निर्णय
नगर पालिका अध्यक्ष की यह निष्क्रियता और मनमानी शहर के विकास को गंभीर रूप से बाधित कर रही है:


• विकास कार्य ठप: सामान्य सभा की बैठक आयोजित न होने के कारण शहर के लिए आवश्यक नई विकास परियोजनाओं पर चर्चा और उन्हें पारित करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप है।
• तानाशाही: अध्यक्ष महोदय विशेष मुद्दों को लेकर भी स्वयं अपनी मनमर्ज़ी से एकतरफा निर्णय ले रहे हैं, जिसमें पार्षदों (जनप्रतिनिधियों) और जनता की राय को पूरी तरह से दरकिनार किया जा रहा है।
• जनता के प्रति जवाबदेही खत्म: सामान्य सभा ही वह मंच है जहाँ विपक्ष और सत्ता पक्ष मिलकर जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं; इस बैठक का आयोजन न होना जनता के प्रति जवाबदेही को खत्म करने के समान है।
तत्काल सामान्य सभा बुलाने की मांग
हम, दल्ली राजहरा नगर पालिका के सभी विपक्षी जन प्रतिनिधिगण, नगर पालिका अध्यक्ष से तत्काल मांग करते हैं कि:
1. धारा 35 के तहत अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए, अविलंब सामान्य सभा की बैठक का आयोजन किया जाए।
2. पिछली नौ माह की अवधि में अध्यक्ष द्वारा लिए गए सभी मनमाने निर्णयों को सामान्य सभा में चर्चा और अनुमोदन के लिए रखा जाए।


शहर के विकास को गति देने और जनता के हितों की रक्षा के लिए सामान्य सभा की बैठक का आयोजन अत्यंत आवश्यक है। यदि अध्यक्ष द्वारा इस मांग पर त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो हम जनता के हितों की रक्षा हेतु सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


रतिराम कोसमा विधायक प्रतिनिधि  सूरज विभोर नेता प्रतिपक्ष। प्राची सिन्हा उपनेता प्रतिपक्ष

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