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देश में अधिमान्यता पत्रकार सुरक्षा कानून व पेंशन नीति एक समान हो।

अधिमान्यता पत्रकार सुरक्षा कानून व पेंशन को लेकर मांग
मोहला।
पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधिमान्यता पत्रकार सुरक्षा कानून की पहल की गई है। इस कानून के तहत मान्यता प्राप्त पत्रकारों के साथ रिपोर्टिंग के दौरान हिंसा, धमकी या उत्पीड़न को दंडनीय अपराध माना गया है, जिससे निर्भीक पत्रकारिता को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं पत्रकार पेंशन को लेकर देश में कोई एक समान केंद्रीय कानून नहीं है। राज्य सरकारें अपनी नीतियों के अनुसार पेंशन योजनाएँ संचालित कर रही हैं, जिनमें 10 से 20 वर्ष का अनुभव, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु और अन्य शासकीय पेंशन न लेने जैसी शर्तें शामिल हैं।


योगेन्द्र सिंगने ने सरकार से मांग की है कि यदि किसी पत्रकार की आयु 62 वर्ष या उससे अधिक होने पर अधिमान्यता बनती है, वह पात्र है तो उसे पेंशन व अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जाए। अधिमान्यता के बाद,10वर्ष या 20वर्ष का बाध्यता की शर्ते हटानी चाहिये। साथ ही सांसद, विधायक या मंत्री की अनुशंसा होने पर ऐसे मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए। देश मे सभी पत्रकार के लिये सुरक्षा कानून एक समान हो। उन्होंने इसे पत्रकार हित में आवश्यक कदम बताया है।
मोहला से योगेन्द्र सिंगने की रिपोर्ट

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