छ०ग० सरकार की 10463 स्कूलों का युक्ति – युक्तकरण का निर्णय निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने का षड़यंत्र है। जनक लाल ठाकुर

दल्ली राजहरा
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने प्रदेश के 10463 चिन्हांकित स्कूलों का युक्ति – युक्तकरण करने के सरकार के निर्णय को निरस्त करने कि मांग करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी दल्ली राजहरा/डौण्डी लोहारा को सौंपा ज्ञापन।
प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व डौण्डी लोहारा विधानसभा पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर ने कहा कि युक्ति – युक्तकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा स्कूलों और उसमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और पढ़ाने वाले शिक्षकों को समायोजित कर स्कूल संचालित की जा रही है उसे बंद किया जा रहा है। सरकार के इस फैसले से 25000 शिक्षकों पर सीधा असर होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जायेंगे। शिक्षा की कमी से शोषण, अत्याचार, अन्याय, भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यों में वृद्धि हो रही है। सभी वर्गों में बराबरी के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है।

इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षक भर्ती किया जाय। ताकि सभी वर्ग के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के बुनियादी अधिकार प्राप्त कर सके, प्राथनिक शालाओं में। प्रधान पाठक व कम से कम 2 शिक्षक पदस्थ करें। जो संख्या के अनुपात में अतिरिक्त शिक्षक की पदस्थपना हो, इसी प्रकार माध्यमिक शालाओं में विषयवार शिक्षक की पदस्थपना हो, जो विषय के विशेषज्ञ हो. शालाओं में मौतिक संसाधन पर्यावरण सुधार व शालाओं को आकर्षक बनाने की योजना कियान्वित किया जाय, बालोद जिले में 353 स्कूल प्रभावित है, जो अनुसूचित क्षेत्र की शिक्षण संस्थाएँ है. स्कूत संचालन की खर्च घटाने के बजाय सांसद-विधायक मंत्री प्रशासनिक अधिकारियों के फिजुल खर्चा पर बंदिश लगाया जाय। एक परिसर में प्राथमिक माध्यमिक हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी की व्यवस्था को अविलम्ब लागू करें। स्कूलों को बंद करने व शिक्षकों को शालाओं से हटानें से शिक्षा बेहतर नहीं होगी, और शिक्षा की न गुणवत्ता में सुधार आयेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 को कारगर बनानें के उपायों पर विचार किया जाय।

आपके द्वारा चलाये जा रहे सुशासन त्योहार पूरी तरह असफल व भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली व फिजुल खर्ची है, इसमें व्यय होने वाली राशि शिक्षा के प्रचार-प्रसार व बच्चों को कापी पेन, ड्रेस के लिए आबंटित किया जाना चाहिए। ताकि छात्र-छात्राओं को शिक्षा के प्रति आकर्षित किया जा सके, शिक्षकों से गैर-सरकारी कार्यों को कराने की प्रथा बंद हो। उपरोक्त प्रक्रिया को लागू करने से शिक्षा के क्षेत्र में पूँजीवादी व निजीकरण कर प्राइवेट संस्थानों को बढ़ावा मिलेगा, जो हानिकारक है। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा सदैव जन सरोकार से जुड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी, नशाबंदी संम्बधित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर शासन व प्रशासन के समक्ष रखती है।
अतः माननीय मंत्री जी से अनुरोध है, कि शिक्षकों का युक्ति-युक्तकरण की प्रक्रिया को बंद कर शिक्षक भर्ती की प्रकिया बी. एड/डी.एड शिक्षकों की पुनः नियुक्ति पर ध्यान केन्द्रित कर बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान की दिशा में सकारात्मक पहल करने की कृपा करें अन्यथा प्रभावित शिक्षकों के पक्ष में जन आदोलन हेतु हमारी संगठन छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा बाध्य होंगी।ज्ञापन सौपने जाने के समय का. जनक लाल ठाकुर छ. ग. मु. मो. अध्यक्ष पूर्व विधायक डौडी लोहारा, सोमनाथ उइके अध्यक्ष छ.ग. म. श्र. संघ, रामचरण नेताम महामंत्री, हेमंत कांडे प्रदेश अध्यक्ष बौद्ध महासभा, बिहारी लाल ठाकुर, शैलेश बंबोड़े, श्रावन कुमार, महामूद बक्श, राजाराम बरगद,के साथ संगठन के सैकड़ों कार्यकर्त्ता उपस्थित थे
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