छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, द्वारा 2 – 3 जुन को शहादत दिवस मनाया जाएगा – शहीद अमर है वो जिंदा है जनता के बीच।

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, द्वारा 2 – 3 जुन को शहादत दिवस मनाया जाएगा – शहीद अमर है वो जिंदा है जनता के बीच।
दल्लीराजहरा:-
दल्लीराजहरा 2-3 जुन 1977 दल्ली राजहरा के 10 हजार से ज्यादा खदान मजदूर यहा के स्थापित ट्रेड यूनियनों के सरकार, मैनेजमेंट व ठेकेदार परस्त चरित्र को पहचान कर शहीद कॉमरेड शंकर गुहा नियोगी जी के नेतृत्व में तीन माह से ज्यादा समय से माइंस के स्थाई कर्मचारियों के समकक्ष बोनस व झोपड़ी मरमम्मत जैसे आवश्यक किन्तु साधारण मांगो के साथ सबसे महत्वपूर्ण अपने आत्मसम्मान व स्वाभिमान के संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखे हुए थे।
वही दूसरी तरफ सरकार, मैनेजमेंट, और ठेकेदार मजदूरो के जायज आंदोलन को कुचलने के लिए अवैध काम बंदी, कार्य की ठेका समाप्ती पर समय पर ठेका नही करना जैसे तमाम अनैतिक व गैरकानूनी तौर तरीके आजमाने के बावजुद आंदोलनन को समाप्त करने में नाकाम होने के बाद दमन के अंतिम अस्त्र पुलिसिया गोलीकांड को अंजाम देने से पूर्व सबसे पहले आंदोलन के नेतृत्वकर्ता शहीद कॉमरेड शंकर गुहा नियोगी जी को चर्चा करने के बहाने रात के अंधेरे में छलपूर्वक गिरफ्तार कर 2 जुन की रात व 3 जुन को दिन के उजाले में निहत्थे मजदूरो पर देश के संविधान, कानुन व नैतिकता को रौंदते हुए और लोकतंत्र व गणतंत्र की महान अवधारणा को कुचलते हुए बर्बरता पूर्वक गोलीया चलाई थी।

इस बर्बर और जघन्य गोलीकांड में देश के मजदूर आंदोलन में पहली शहीद महिला मजदूर कॉमरेड अनुसूईया बाई व 12 वर्षीय बालक शहीद सुदामा के साथ कुल 11 मजदूर शहीद हुए थे। इस बर्बर हत्याकांड के बाद भी आंदोलन जारी रहा और 11 मजदूर साथीयो की शहादत के बदौलत खदान मजदूरो ने अपने आत्मसम्मान और स्वाभिमान के संघर्ष में सफलता प्राप्त करते हुए आगे चलकर पुरे देश के मजदूर आंदोलन को अपने संघर्ष और निर्माण के सिद्धांत से परिचित कराते हुए शोषण और दमन से मुक्त एक नये समाज निर्माण की एक नई दिशा दिखाई। वही इन वीर बलिदानीयो के बलिदान के बदौलत ही भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों की अपेक्षा दल्ली राजहरा के खदानो में कार्यरत ठेका श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, बोनस, भत्ता, सुरक्षा उपकरण और उनकी आजीविका का अधिकार निरंतर सुरक्षित है। शहीद कॉमरेड शंकर गुहा नियोगी जी के नेतृत्व में और उनके बाद छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा व छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के नेतृत्व में यहा पर चले मजदूरो के जुझारु आंदोलन का ही नतिजा है की यहा के खदानो में ठेकेदार मजदूरो का आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण करने में कभी सफल नही हो पाये।

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी 2-3 जुन 1977 गोलीकांड के अमर शहीद खदान मजदूरो के शहादत दिवस पर उनकी शहादत को याद करते हुए दल्ली राजहरा में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर रही है। शहादत दिवस के अवसर पर 2 जुन दिन शुक्रवार को शाम 5 बजे से छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़ युवा मुक्ति मोर्चा व बेरोजगार संघ के द्वारा छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा कार्यालय से बाईक रैली के माध्यम से संपूर्ण नगर भ्रमण करते हुए अमर शहीदो को लाल सलामी देगी व 3 जुन दिन शनिवार को शहादत स्थल के समीप छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है जिसमें छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़ युवा मुक्ति मोर्च व बेरोजगार संघ के, छत्तीसगढ़ महिला मुक्ति मोर्चा के समस्त पदाधिकारी व सदस्यगण तथा शहीद अस्पताल के समस्त चिकित्सक, नर्स व कर्मचारी शामिल होंगे। कार्यक्रम में बालोद, राजनांदगांव, मानपुर -मोहला, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, टेडेसरा, जामुल से लाल- हरा परिवार सभी जुझारू साथी भी शामिल होंगे।
शहादत दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा क्षेत्र के तमाम प्रगतिशील विचारधारा के प्रबुद्धजनों, बुद्धिजीवियों, किसान संघो, मजदूर संघो, युवा, विद्यार्थियों, बेरोजगारो, महिलाओं, कलाकारो, पत्रकारो, व व्यापारी बंधुओ से विनम्र अपील करती है की शहादत दिवस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में अपनी उपस्थिति देकर अपने महान शहीद पुरखो के बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पण करे।
विनित – छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा/छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ, बेरोजगार युवा संघ, दल्ली राजहरा