आदिवासी समाज प्रकृति तथा पर्यावरण के संरक्षक है, हमें रीति-नीति, संस्कृति को नहीं भूलना है: इंद्रशाह मंडावी

आदिवासी समाज प्रकृति तथा पर्यावरण के संरक्षक है, हमें रीति-नीति, संस्कृति को नहीं भूलना है: इंद्रशाह मंडावी
मोहला संवाददाता:-योगेंद्र सिंगने
मोहला:-
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संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम धानापायली के दौरे पर रहें जहां 5 दिवसीय मुलवासी कोया पुनेम संस्कृति गाथा एवं प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। ग्राम धानपायली में सर्व आदिवासी समाज तथा समस्त ग्रामवासी के द्वारा संस्कृति गाथा एवं प्रवचन का कार्यक्रम रखा गया है। जिसमे पूरे 5 दिवस तक अलग-अलग विषय पर प्रवचन होना है जैसे प्रथम दिवस कलश पूजा, देवी सुमिरन जीव-जगत की उत्पत्ति, कंकालीन दाई जन्मगाथा, तैतीस कोटी देवताओं की उत्पति, तीनों संस्कार व्यवस्था तथा गण व्यवस्था, जमींदारिन, ठाकुर देव व्यवस्था पर प्रवचन शीवनी (मध्यप्रदेश) से आए तिरूमाल शंकरशाह इरचापी के द्वारा किया जाएगा।

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इस अवसर पर संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी ने कहा की आदिवासी समाज प्रकृति तथा पर्यावरण के संरक्षक है। सर्व आदिवासी समाज के प्रयास से आदिम संस्कृति पर प्रवचन कार्यक्रम करना बहुत ही अच्छी सोच है। हमें कभी भी अपनी रीति नीति व संस्कृति को नही भूलना है। आज का दिन अविस्मरणीय है कि हम एक नई शुरुवात कर रहे है हमे 5 दिनों का सदुपयोग करना है। हम दिनो दिन पाश्चात्य संस्कृति के कारण अपनी मूल संस्कृति को भूल रहे है। यहां जाति धर्म के नाम पर फसाद हो रहे है हमें उन सबसे बच के रहना है। हमे हमारी संस्कृति को लेकर आगे बढना है, कई सामाजिक बुराई है जिसे हमे दूर करना है क्यों की एक समय ऐसा था जब हम पूरे भू भाग के मालिक थे पर नशापान, शराब के कारण हुए सांस्कृतिक हास ने हमे गरीब बना दिया है। ऐसे माहौल में हमें पुरातन संस्कृति के संरक्षण एवं उद्धार के लिए प्रवचन का श्रवण करना है।


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कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि खुज्जी विधायक छन्नी चंदू साहू ने कहा की समाज को सही दिशा देने के लिए यह प्रवचन जरूरी है। आदिवासी युवा नेतृत्व ने समाज को संगठित तथा शिक्षित रखने के लिए प्रवचन का आयोजन किया है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए हमे शिक्षित होना पड़ेगा, सामाजिक कुरीति को छोड़कर हमें नवाचार से जुड़ना है। हम सबकी जिम्मेदारी है की समाज को संगठित रखें।
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इस अवसर पर मुख्यरूप से सरपंच सतरूपा परतेती, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी, राजू परतेती, ज्ञान सिंह कुमेटी, उमेंद्र मंडावी, बालमुकुंद कुंजाम, युवराज नेताम, प्रकाश नेताम, राकेश नेताम, गंगाराम कुंजाम, तुकाराम कोर्राम, परमीला परतेती, मिलापा मंडावी, मनभा बाई सहित ग्रामवासी तथा सामाजिक बंधु उपस्थित थे।